भारतीय नये वर्ष में योग एवं संस्कृति का दिया मन्त्र

कैलाश सिंह विकास वाराणसी

विश्वगुरु भारत की वैदिक विरासत अध्यात्म एवं योग

हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में समायोजित योगाभ्यास एवं विद्वत समागम संगोष्ठी का आयोजन श्री स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय एवं आसनेन रुजो हन्ति योगसंस्थानम् के द्वारा किया गया। त्रैलोक्य पावनी मोक्षदायिनी काशी का पवित्र प्रांगण एवं मां गंगा की गोद में काशी की प्राचीनता को उद्घाटित करने वाले घाट।
श्री ब्रह्मा वेद विद्यालय,श्री स्वामी वेदान्ती वेद विद्यापीठ एवं श्री स्वामी नारायणानन्दतीर्थ वेद विद्यालय के बटुकों द्वारा नूतन संवत्सर विक्रम संवत् २०७९ एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का शुभ दिन में योग एवं वैदिक वाङ्मय के समुन्नयन तथा जन मानस को वैदिक विरासत से जोड़ने हेतु किया मन्त्रों के साथ सूर्य नमस्कार, अष्टांग विन्यास एवं वैदिक विज्ञान का ज्ञान गुरुओं से प्राप्त किया। मुख्य वक्ता वेदमूर्ति विकास दीक्षित जी का स्वागत विद्यालय के प्राचार्य डॉ जयंतपति त्रिपाठी जी के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम बटुकों ने मंत्रोच्चारण सहित सूर्य नमस्कार सामूहिक अभ्यास किए अनंत योग विधा अष्टांग विन्यास के क्रमिक अभ्यास को किया। बनारस के विशिष्ट संस्थानों के द्वारा नूतन संवत्सर नववर्ष के उपलक्ष में भारतीय संस्कृति ,संस्कार एवं संस्कृत इन तीनों के संवर्धनार्थ तथा संपूर्ण विश्व में वैदिक वाङ्मय का प्रचार प्रसार हो एतदर्थ यह कार्यक्रम का समायोजन किया गया। कार्यक्रम में शंखनाद वेद मंत्रों के द्वारा ईश्वर स्तुति एवं संगीत गान के द्वारा नाद योग की अनुभूति कराई गई । संपूर्ण कार्यक्रम के सूत्रधार श्री काशी धर्मपीठ के उत्तराधिकारी पूज्य श्री लखन स्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज के प्रतिनिधित्व में और विद्यालय के माननीय शिक्षकों के नेतृत्व में 300 वैदिक विद्यार्थियों की सामुहिक उपस्थिति में यह आयोजन सफल रहा।काशी के गौरव एवं वेद विज्ञान के अनुसंधाता वेदमूर्त्ती विकास दीक्षित जी योग की विशिष्टता से अवगत कराते हुए वेद विज्ञान के विभिन्न प्रत्यक्ष स्वरुपों से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया।श्री काशी धर्मपीठ के प्रबन्धक डॉ.वरुणेश चन्द्र दीक्षित ने आयोजकों के प्रति उद्गार भाव प्रकट किए। संगीत गान में श्री व्यास मौर्य जी ने अपने गान समूह के साथ भजन के द्वारा लोगों को मन्त्र मुग्ध किये। आसनेन रुजो हन्ति योगसंस्थानम् के संस्थापक रितेश दुबे के द्वारा योग अभ्यास एवं कार्यक्रम कासंचालित हुआ। आसनेन रुजो हन्ति के उद्देश्यों को सार्थक करने हेतु तथा भारतीय योग विद्या के प्रचार प्रसारार्थ यह कार्यक्रम समायोजित किया गया।संपूर्ण विश्व नए वर्ष में योग को अपने जीवन का एक प्रमुख हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम में सहयोग हेतु डॉक्टर अशोक पाण्डेय , डॉ.विमल काण्डपाल ,डॉ.एस.के पराशर, श्री कृष्ण कुमार शर्मा ,श्री योगेश तिवारी ,श्री रघुवर प्रसाद शुक्ल,श्री सुनील पाण्डेय प्रधानाचार्य श्री स्वामी वेदान्ती वेद विद्यापीठ एवं श्री आशीष कुमार मिश्र प्रधानाचार्य श्री ब्रह्मा वेद विद्यालय का विशेष अनुदान रहा।