कैंपियरगंज-: आग लगने से कलिंदी का जला आशियाना, खुले आसमान के नीचे परिवार रहने को मजबूर

रिपोर्ट सुरेश यादव कैंपियरगंज गोरखपुर

कैंपियरगंज गोरखपुर। यदि किसी गरीब के पास रहने के लिए केवल एक झोपड़ी हो और वह भी जलकर खाक हो जाए तब उसपर क्या बीतेगी यह केवल बता सकती हैं कैंपियरगंज की कालिंदी। जिनका सवेरे झोपड़ी में आग लगने से पूरा आशियाना जलकर खाक हो गया और वह खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

दरअसल कैंपियरगंज थाना अंतर्गत ग्राम सभा जवहिनिहा में कलिंदी पत्नी रामसुरत नाम की एक महिला रहती है जिसके द्वारा मजदूरी कर के परिवार का भरण पोषण किया जाता है। दो लड़के एवं एक लड़की की जिम्मेदारी का निर्वहन करते कालिंदी एवं उसके पति के पास कुछ भी नहीं बचा है। सबेरे भोजन बनाने के बाद बगल में ही जब कलिंदी मजदूरी का काम करने के लिए गई तो पता चला कि घर में चूल्हे की आग से आग लग गई है जिससे घर में रखे हुए सारे कपड़े पैसे कागज जलकर खाक हो गए। अब आलम यह है की कलिंदी बच्चों सहित खुले आसमान के नीचे सोने को विवश है।

तहकीकात न्यूज़ से बातचीत में कालिंदी ने बताया कि हाल ही में एक रिश्तेदारी से 35 हजार रुपए टीन सेड डालने हेतु क़र्ज़ लिया गया था और वह भी जलकर खाक हो गया। इसके अलावा बच्चों सहित बड़ो के कपड़े जेवर भी जल गल गए। कालिंदी की दयनीय स्थिति सरकारी योजनाओं पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है कि झोपड़ी में जीवन यापन कर रहे इस परिवार के पास प्रधानमंत्री आवास योजना क्यों नहीं पहुंचा। इसके अलावा काल के गर्भ में यह बात छिपी हुई है कि सरकारी मदद उस तक पहुंचेगी या नहीं।