अकीदत के साथ अदा हुई अलविदा की नमाज़

राकेश सिंह गोंडा

सुरक्षा व्यवस्था के साथ चप्पे चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस

गोण्डा। बभनजोत अलविदा ओ अलविदा ऐ माहे रमज़ा अलविदा के शब्दों के साथ जुदा हो रहे रमज़ानुल मुबारक के महीने के अवसर में पड़ने वाले आखिरी जुम़ा (शुक्रवार) को जिले में अलविदा की नमाज़ बड़ी ही अकीदत के साथ पढ़ी गई। या अल्लाह मुल्क़ में अमन चैन फरमा की दुआओं से गुंजती आवाजों में हर मुसलमान अपने गुनाहों व मगफिरत की दुआं मांगता रहा। अलविदा की नमाज़ को देखते हुए भारी भीड़ के बीच बच्चे बूढ़े व नौजवान हर कोई मस्जिदों की तरफ रुख करता रहा। मस्जिदों में साफ सफाई के साथ नमाज़ियों के नमाज़ पढ़ने के लिए सारी तैयारियां सुबह से ही कर ली गई थी। शहर से लेकर गांव कस्बों की मस्जिदें फुल रही। जहां एक तरफ अलविदा की नमाज़ के लिए सुबह से ही तैयारियां चल रही थी तो वहीं पुलिस प्रशासन नमाज़ को सकुशल अदा कराने के लिए चप्पे चप्पे पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ डटी रही।
रमज़ानुल मुबारक के महीने में पड़ने वाले आखिरी जुमा को अलविदा की नमाज़ कही जाती है। शुक्रवार को जिले के शहर से लेकर गांव कस्बों की मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। मस्जिदें नमाज़ियों से खचाखच भरी रही। रमज़ान माह के गुजरने का अफसोस करते हुए मुसलमानों ने अल्लाह के घर में बैठ अपने मगफिरत व देश में फैली नफ़रत के खात्मे की दुआं करते रहे। अलविदा की नामाज़ को लेकर जिला प्रशासन भी हाई अलर्ट पर रहा। कही भी किसी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस का चप्पे चप्पे पर निगांह बनी रही। बभनजोत क्षेत्र के लोथरपुर नूरी मस्जिद, हथियागढ़ जामा मस्जिद अनवारूल राजा हथियागढ़ पठान टोलिया हशमती मस्जिद, समेत कई जगह पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुस्तैद रही।