ब्राह्मण राष्ट्रीय चेतना व राष्ट्र निर्माण का आधार: डा नीलकंठ तिवारी


कैलाश सिंह विकास रिपोर्ट आनंद.कुमार सिंह वाराणसी


वाराणसी । अखिल भारतीय ब्राह्मण परिषद न्यास द्वारा सृजन व शौर्य के प्रतीक भगवान परशुराम की जयन्ती पर संगोष्ठी : राष्ट्र निर्माण एवं ब्राह्मण समाज व “परशुराम रत्न सम्मान ” का भव्य आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का प्रारम्भ भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पअर्चन व दीपप्रज्जवलन से पद्मभूषण प्रो वशिष्ठ त्रिपाठी ,अन्नपूर्णा मठ के महन्त पूज्य शंकर पुरी व शहर दक्षिणी के यशस्वी विधायक डा नीलकंठ तिवारी ने किया । बटुकों ने वैदिक मंगलाचरण किया ।
संगोष्ठी के आरम्भ मे पूज्य शंकर पुरी जी ने आर्शीवर्चन प्रदान करते हुए कहा की राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मण समाज का योगदान सदैव राष्ट्र को दिशा देने वाला रहा है ,मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं की ब्राह्मण समाज के कल्याण हेतु सदैव मेरा सहयोग व आर्शीवाद रहेगा ।
मुख्य वक्ता शहर दक्षिणी के यशस्वी विधायक डा नीलकंठ तिवारी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा की आदिकाल से ही ब्राह्मण समाज ने राष्ट्र व समाज को संरक्षित करने का कार्य किया है ,हमें अपनी विशिष्ट जीवनशैली को आत्मसात करते हुए जीवन पथ की यात्रा को मजबूती से आगे बढाना होगा, आपने संस्कार विधि में वर्णित धर्म दण्ड के विधानों पर भी प्रकाश डाला और कहा की धर्म दण्ड को आरोहण करने की एक मात्र सत्ता ब्राह्मणों की संस्कार पद्धति से ही संरक्षित होती है ,युगों से ब्राह्मण समाज ने राष्ट्र निर्माण में अपने प्राणों को न्योछावर किया है इसके एक नहीं अनगिनत साक्ष्य इतिहास के पन्नों में दिखाई देते है ,काशी के आप ब्राह्मण कुल के श्रेष्ठजनों से अनुरोध व युवाओं से आह्वान करता हूं ,की समाज को एकीकृत करने के अपने प्रयासों को गति प्रदान करे, यही भगवान परशुराम के जीवन दर्शन के प्रति सच्चे अर्थों में हमारा समर्पण होगा ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मभूषण प्रो वशिष्ठ त्रिपाठी जी ने ब्राह्मण समाज को एकीकृत संस्कृति व जीवन शैली को विकसित करने की प्रेरणा दी और कहा की सतयुग से कलयुग तक ब्राह्मण समाज ने ही समाज को संगठित करते हुए राष्ट्र को वाह्य दुष्प्रवृतियों को बचाने का कार्य किया ।
ब्राह्मण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में क्रियाशील लोगो को “भगवान परशुराम रत्न सम्मान समारोह “प्रदान किया गया ये नाम है :
डॉ रजनी कांत द्विवेदी पद्मश्री, जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉक्टर पुंडरीक शास्त्री,डॉ माधवी तिवारी समाजसेविका, प्रोफेसर एस एस शुक्ला विश्व प्रसिद्ध सर्जन,पंडित सुदामा तिवारी कवि,पंडित हरिहर पांडे सांस्कृतिक क्षेत्र,पंडित संदीप चतुर्वेदी , प्रोफेसर प्रो मारुति नंदन तिवारी ,प्रो हरि प्रसाद दीक्षित,पं सतीश चंद्र मिश्रा,पंडित बृजभूषण ओझा काशी विश्वनाथ न्यास के सदस्य,प्रोफेसर विनय पांडे, पंडित विकास महाराज,
प्रोफेसर अजीत शुक्ला,प्रो शंकर मिश्रा,पंडित दीपक मालवीय ,पंडित अजय द्विवेदी,पंडित राजनाथ तिवारी,डा अत्रि भारद्वाज ( पत्रकारिता ) पंडित राम किशोर त्रिपाठी,पंडित प्रेम मिश्रा को सम्मानित मंच द्वारा उनके विशिष्ट योगदान के आधार पर सम्मानित किया गया ।
अतिथियों का स्वागत काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो रामनारायण द्विवेदी जी ने , विषय स्थापना डा सुनील मिश्र ने संचालन पं प्रमोद मिश्र जी ने व धन्यवाद ज्ञापन पं दीपक मिश्र जी ने किया ।
उक्त अवसर काशी के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे पं पवन शुक्ल जी , डा आशीष पाण्डेय जी , पं अजय मिश्र जी , सुनील तिवारी जी , राजन तिवारी जी ,पं जगदीश त्रिपाठी जी सहित अन्य वरिष्ठ लोग उपस्थित थे ।