दोपहर मे हजारो श्रध्दालू ने आस्था की डूबकी लगाई

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


वाराणसी। अक्षय तृतीया के दूसरे दिन बुधवार दोपहर में हजारों श्रद्धालुओं ने परम्परानुसार प्राचीन मणिकर्णिका चक्र पुष्करणी कुंड में खड़ी दोपहर में आस्था की डुबकी लगाईं। और मणिकर्णिका मां की अष्टधातु प्रतिमा का दर्शन पूजन किया। कोरोना के चलते पूरे दो साल बाद श्रद्धालुओं ने कुंड में डुबकी लगाई। मान्यता है कि भगवान शंकर ने काशी बसाने के बाद महादेव ने देवी पार्वती के स्नान के लिए इस कुंड को अपने सुदर्शन चक्र से स्थापित किया था। स्नान के दौरान मां पार्वती का कर्ण कुंडल कुंड में गिरने से नाम मणिकर्णिका पड़ा। मणिकर्णी माई की अष्टधातु की प्रतिमा प्राचीन समय में इसी कुंड से निकली थी।