भारत ने सदैव किया जनभावना का सम्मान – योगी आदित्यनाथ

कैलाश सिंह विकास वाराणसी


वाराणसी,।आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहा है। काशी आज पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है, यहाँ के लोगो ने यहाँ से सांसद नही प्रधानमंत्री चुन कर भेजा है। उक्त उद्गार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव पर समर्पित चौरी – चौरा शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित चौरी – चौरा : अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी जो भी आया कुछ लेकर ही लौटा है, यहाँ से कोई खाली हाथ नहीं जाता है। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष में जनभावना का सम्मान सदैव सर्वोपरि रहा है, चौरी- चौरा की घटना उसी जनभावना का परिचायक है। चौरी चौरा की लड़ाई सामान्य मानव, ग्रामीण समाज ने स्वयं लड़ी। यह अत्यंत गौरव का विषय है कि चौरी चौरा पर पहला नाट्य मंचन उस जगह हो रहा है जिसका संबंध मदन मोहन मालवीय जी से है। मालवीय जी ने ही इस घटना का मुकदमा लड़ा और ना जाने कितनो को फाँसी के फंदे पर झूलने से बचाया। आज उन्ही के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अंग डीएवी पीजी कॉलेज ने इसका मंचन कराया, जो अभिनन्दन के पात्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। काशी में बना काशी विश्वनाथ धाम अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहयोग किया है। धाम से समाज को कितना लाभ हुआ, समाज के अंतिम स्तर तक कार्यकरने वाले के जीवन स्तर में कोई भी बदलाव आया कि नही यह जानना ओर समाज को उससे अवगत कराने का शोध कार्य भी डीएवी पीजी कॉलेज कार्य है। अंत मे योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी 25 वर्ष भारत के लिए अमृत वर्ष के रूप में होंगे, जिसमे एक नए भारत का उत्थान पूरी दुनिया देखेगी।
स्वागत भाषण देते हुए प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीयों को बड़ी त्रासदियाँ दी है, उसकी एक बानगी मात्र है चौरी चौरा की घटना, हम उसका स्मरण कर आजादी के सभी नायकों को नमन कर रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा महाविद्यालय प्रधानमंत्री के विजन डिजिटल लर्निग पर मजबूती से काम कर रहे है।
नाट्य मंचन देख भावुक नजर आए योगी– इंडोर स्टेडियम में आयोजित नाट्य मंचन के दौरान पूरे समय तक मौजुद रहे, इस दौरान नाट्य दृश्यों को देखकर कई बार वे भावुक भी नजर आए।
अंग्रेजी हुकूमत के जुल्म के विरूद्ध हुए चौरी चौरा विद्रोह देख सबकी ऑखें हुई नम
गोरखपुर के चौरा गॉव में ब्रिटिश हुकूमत के जुल्म के खिलाफ 04 फरवरी, सन् 1922 को ग्रामीणों के विद्रोह ने अंग्रेजी सरकार की चूले हिला दी। भगवान अहीर और नजर अली के नेतृत्व में सैकड़ो युवाओं ने जिस प्रकार पुलिसिया दमन का विरोध किया वह अंग्रेजो को भारतीय समाज की शक्ति का एहसास करान के लिए काफी रही। गांधी जी के आह्वाहन पर युवाओं ने दमन की परवाह किये बगैर अग्रेजो के पिठ्ठू बने सरदार संत बख्श सिंह, दारोगा गुप्तेश्वर सिंह जैसे जालिमों के अन्याय के विरूद्ध ना सिर्फ आवाज उठाई बल्कि समाज के सामान्य नागरिकों के क्रोध की अभिव्यक्ति को प्रकट करते हुए चौरी चौरा विद्रोह का इतिहास रचा।
यह दृश्य शुक्रवार को डीएवी पीजी कॉलेज में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर चौरी-चौरा शताब्दी समारोह के अन्तर्गत आयोजित चौरी -चौराः अपराजेय समर के नाट्य दृश्यांकन में सजीव हो उठा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में महाविद्यालय के इतिहास विभाग के छात्र – छात्राओं द्वारा मंचित इस नाट्य को देखकर महर्षि दयानन्द इण्डोर स्टेडियम में उपस्थित दर्शकों की ऑखें नम हो गयी। 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस घटनाक्रम को लम्बे समय तक राष्ट्रीय मुक्ति संग्राम का हिस्सा ही नही माना गया, बाद में यह घटना इतिहास में चौरी चौरा विद्रोह के रूप विख्यात हुई।
इससे पूर्व चौरी चौरा शताब्दी समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्रा, प्राचार्य डॉ. सत्यदेव सिंह, रेक्टर प्रो. वी.के. शुक्ला, प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण से किया। मुख्यमंत्री का स्वागत डॉ. सत्यदेव सिंह ने स्मृति चिन्ह, उत्तरीय एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति – इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रो. विजय बहादुर सिंह, प्रो. जी. सी. आर. जायसवाल, प्रो. बिन्दा परांजपे, पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा, डॉ. उषा किरण सिंह, सभाजीत सिंह, प्रियंकदेव सिंह, डॉ. विनोद कुमार चौधरी सहित शिक्षा जगत के गणमान्य जन, प्रशासनिक अधिकारी एवं समस्त अध्यापक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन डॉ. समीर कुमार पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दयाशंकर मिश्रा ने दिया।
प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का हुआ विमोचन – आयोजन में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रभा के अमृत महोत्सव विशेषांक का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।  

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