धारकुंडी महाराज स्वामी सच्चिदानंद जी परमहंस का निधन 102 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन, क्षेत्र में शोक की लहर
रिपोर्ट - प्रिंस कुमार, मध्य प्रदेश
धारकुंडी। धारकुंडी के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक गुरु स्वामी सच्चिदानंद जी परमहंस (धारकुंडी महाराज) का आज 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। साधु-संत समाज, शिष्य वर्ग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम परिसर में एकत्रित हो गए।
स्वामी सच्चिदानंद जी परमहंस लंबे समय से आध्यात्मिक साधना और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में सक्रिय थे। उनका जीवन तप, त्याग और सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन शैली अपनाते हुए मानव कल्याण और आत्मिक उन्नति का संदेश दिया। उनके मार्गदर्शन में अनेक शिष्य दीक्षा प्राप्त कर आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर हुए।
स्वामी जी अपने सरल स्वभाव और सहज आचरण के लिए जाने जाते थे। क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति मार्गदर्शक मानी जाती थी। उनके प्रवचनों का प्रभाव स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक रहा।
निधन की खबर के बाद विभिन्न धार्मिक संगठनों और संत समाज ने शोक व्यक्त किया है। आश्रम प्रशासन के अनुसार अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यक्रम परंपरागत विधि-विधान के अनुसार संपन्न किए जाएंगे।
स्वामी सच्चिदानंद जी परमहंस का निधन साधु-संत समाज के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है।