Go!
जीपीएस स्कूल दुलारपुर में शिक्षक सम्मान समारोह, भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा देने की उठी मांग

जीपीएस स्कूल दुलारपुर में शिक्षक सम्मान समारोह, भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा देने की उठी मांग

निज प्रतिनिधि 

गोपालगंज। आज दिनांक 8 फरवरी 2026 को जीपीएस स्कूल, दुलारपुर फुलवरिया (गोपालगंज) में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्रबंधक जहाना खातून ने की। समारोह में शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ मातृभाषा भोजपुरी और उसकी सांस्कृतिक विरासत पर गंभीर विमर्श हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि भोजपुरी विश्व की समृद्ध भाषाओं में से एक है और भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में जानी जाती है, लेकिन अब तक इसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में स्थान नहीं मिल पाया है। वक्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा मिलना केवल भाषा का प्रश्न नहीं, बल्कि भोजपुरी समाज के स्वाभिमान, पहचान और अस्मिता से जुड़ा विषय है। इसके लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि जिस समाज की मातृभाषा उपेक्षित हो जाती है, उसका सांस्कृतिक आधार कमजोर हो जाता है। समारोह को श्री नंदकिशोर सिंह, नूर आलम, आलोक कुमार तथा पूर्व सब-इंस्पेक्टर हरी लाल सिंह ने संबोधित किया।
भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के मीडिया प्रभारी एवं यशस्वी शिक्षक संतोष कुमार ने संगोष्ठी का संचालन किया। संचालन के दौरान उन्होंने कहा कि मातृभाषा और संस्कृति का घनिष्ठ संबंध है। मातृभाषा न केवल किसी जनगोष्ठी की सांस्कृतिक विरासत की वाहक होती है, बल्कि मानव जीवन की आधारभूमि भी है। भोजपुरी भाषा की उपेक्षा से भोजपुरी क्षेत्र में भाषाई और सांस्कृतिक संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि जनगणना के समय मातृभाषा के कॉलम में अनिवार्य रूप से “भोजपुरी” लिखा जाए।
समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भोजपुरी भाषा में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष जहाना खातून ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर भोजपुरी पुनर्जागरण मंच द्वारा प्रकाशित वर्ष 2026 के कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।

| |
Leave a comment
SXKY

Comment

Advertisement

Test Sidebar Ad

क्या है तहकीकात डिजिटल मीडिया

तहकीकात डिजिटल मीडिया को भारत के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में समाज के अंतिम पंक्ति में जीवन यापन कर रहे लोगों को एक मंच प्रदान करने के लिए निर्माण किया गया है ,जिसके माध्यम से समाज के शोषित ,वंचित ,गरीब,पिछड़े लोगों के साथ किसान ,व्यापारी ,प्रतिनिधि ,प्रतिभावान व्यक्तियों एवं विदेश में रह रहे लोगों को ग्राम पंचायत की कालम के माध्यम से एक साथ जोड़कर उन्हें एक विश्वसनीय मंच प्रदान किया जायेगा एवं उनकी आवाज को बुलंद किया जायेगा।

© Tahkikaat News 2017. All Rights Reserved. Tahkikaat Digital Media Pvt. Ltd. Designed By: Dizital Dreams