खोड़ारे थाना क्षेत्र के ढड़ुआ कुतुब जोत गांव में लापता चारो बच्चे सकुशल बरामद गांव में खुशी की लहर
राकेश सिंह
गोंडा में लापता हुए चार नाबालिग बच्चों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। ये बच्चे गांव के पास एक सरसों के खेत में सोते हुए पाए गए। पुलिस ने उन्हें चिकित्सीय परीक्षण के बाद परिजनों को सौंप दिया।
यह घटना 16 फरवरी 2026 की रात की है, जब थाना खोड़ारे क्षेत्र के ग्राम ढढुआ कुतुबजोत के चार बच्चे (लगभग 6 से 10 वर्ष की आयु) गांव के बाहर खेलते समय घर नहीं लौटे। सूचना मिलते ही थाना खोड़ारे में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर तत्काल खोजबीन शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गोंडा विनीत जायसवाल ने पुलिस की कई टीमें गठित कीं। परिजनों के साथ मिलकर पूरी रात सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई थी कि बच्चे मंदिर के पास स्थित तालाब में खेल रहे थे। इस सूचना पर देर रात एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने पंपिंग सेट की मदद से तालाब का पानी काफी हद तक खाली कराया और
और रात भर तलाशी ली, लेकिन बच्चे तालाब में नहीं मिले।
अगले दिन सुबह पुलिस टीमों ने एसओजी टीम के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान फिर से शुरू किया। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल की निगरानी में चलाए गए इस अभियान के दौरान चारों बच्चे गांव के समीप एक सरसों के खेत में सोते हुए सकुशल पाए गए। पुलिस टीम ने उन्हें तुरंत बरामद कर सीएचसी-गौरा में चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा, जहां सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि बच्चों में सबसे बड़ा लड़का (लगभग 10 वर्ष) मां की डांट के डर से घर जाने से बचना चाहता था। इसी डर के कारण उसने रात में घर न लौटने का फैसला किया और अपने साथ खेल रहे छोटे बच्चों को भी लेकर सरसों के खेत में छिपकर सो गया। पूर्व में भी इस बालक के डांट पड़ने पर बिना बताए घर से चले जाने का व्यवहार सामने आया है।
थाना खोड़ारे पुलिस की त्वरित और लगातार कार्रवाई तथा वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल नेतृत्व के परिणामस्वरूप चारों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर
स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।